असल मस्तानगी ना थी-शिशिर मधुकर

मुहब्बत जिसने की मुझसे उसे दीवानगी ना थी
ये तो किस्मत की बातें हैं मुझे हैरानगी ना थी

रात भर पूजा करी जिसकी वो नज़दीक ना आया
उसे पाने की चाहत में असल मस्तानगी ना थी

पास में कुछ जहाँ ना था वहाँ खुशियों की बातें थीं
झोपड़ी में इन महलों की तरह वीरानगी ना थी

तुम ही कहो मंज़िल पे कैसे पहुँचूँ मैं इसके संग
जिस टूटी हुई किश्ती की कोई रवानगी ना थी

देख कर रुख ज़माने का रुख जो मधुकर बदल लेता
जहां कहता ये फिर तो कोई मर्दानगी ना थी

शिशिर मधुकर

8 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 29/05/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/06/2018
  2. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 29/05/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/06/2018
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 29/05/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/06/2018
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 29/05/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/06/2018

Leave a Reply