मुझे खामोश रहने दो 

मुझे खामोश रहने दो
सुना है ईश्क सच्चा हो तो
खामोशी खून बनकर रगों में नाच उठती है
अभी कुछ दिन मुझे मेरी मुहब्बत आजमाने दो

उसे मै क्यू बताऊ,उसे मैने कितना चाहा है
बताया तो झूठ जाता है
सच्ची बातों की खुशबू तो
खुद महसूस होती है

मेरी बातें , मेरी सोच
उसे खुद जान लेने दो
अभी कुछ दिन मुझे मेरी मुहब्बत
आजमा लेने दो

4 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 26/05/2018
  2. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 26/05/2018
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 26/05/2018
  4. PATHAK JEE PATHAK JEE 31/05/2018