याद आ गया—!!

एक दिन वो मिली
वही पुरानी गली
दिल पे ये हाथ था
बच्चा उसके साथ था
Smile उसने जो किया
आगे था मैं बढ़ गया
चक्कर में पड़ गया
कि Hi बोलूं, यां नमस्ते प्रिया
मैं भी जवाँ था कहाँ
फिर भी style से जरा
अपने बालों में मैंने
हाथ था घुमा दिया
बोली हँसते हुए
बेटा! मामू है ये
साथ पढ़ते थे हम।
बहुत झगड़ते थे हम
कशमकश में पड़ गया
कि प्यार वो अब था कहाँ?
चालाक बार वो बनी
भोंदू फिर मैं बन गया
आँखें चुराते हुए
थोड़ा हिचकचाते हुए
बोली अच्छा चलूँ
कह इशारा था किया
उधर चिंटू के पापा ने
भी wave था कर दिया
सुन्न खड़ा था वहां
तितली फिर थी उड़ गई
बात कुछ न हुई
फिर भी गुदगुदी सी हुई
साइकिल stand से हटा
मैं भी घर को बढ़ा
कुछ गुनगुनाते हुए
कि बोलो क्या???
याद आ गया
वो गुजरा ज़माना
वो गुफ्तगू धीमी-धीमी
वो प्यार का नज़राना

– मुक्ता शर्मा

17 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 22/05/2018
    • mukta mukta 22/05/2018
  2. rakesh kumar Rakesh kumar 22/05/2018
    • mukta mukta 22/05/2018
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 22/05/2018
    • mukta mukta 22/05/2018
  4. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 22/05/2018
    • mukta mukta 22/05/2018
  5. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 22/05/2018
    • mukta mukta 23/05/2018
  6. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 22/05/2018
    • mukta mukta 23/05/2018
  7. Madhu tiwari Madhu tiwari 23/05/2018
    • mukta mukta 23/05/2018
  8. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 24/05/2018
    • mukta mukta 04/06/2018
  9. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 17/06/2018

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