ज़लवा दिखाओ तो जाने – डी के निवातिया

ज़लवा दिखाओ तो जाने

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आज भी पहले सा मुस्कराओ तो जाने
फिर से वही ज़लवा दिखाओ तो जाने !!

मुहब्बत को तरस गयी है प्यासी निगाहें
फिर उसी मंज़र से गुजर जाओ तो जाने !!

लुटे थे, लुटे है, लुटते रहेंगे सदा हम
अदाएं यूं ही बिखराते जाओ तो जानें!!

न उम्र की सीमा न जन्मो का बंधन ज़माना कहता है,
अगर ये जुमला साबित करके दिखलाओ तो जाने !!

हर एक दौलत से बड़ी होती है मुहब्बत कि दौलत
फिर से लुटाकर हमें मालामाल कर जाओ तो जाने!!

!

डी के निवातिया

 

14 Comments

  1. davendra87 davendra87 21/05/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 22/05/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 22/05/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 22/05/2018
  3. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 22/05/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 23/05/2018
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 22/05/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 23/05/2018
  5. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 22/05/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 23/05/2018
  6. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 22/05/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 23/05/2018
  7. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 22/05/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 23/05/2018

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