एक बार फिर…

एक बार फिर….
एक बार फिर
मिलो तो सही
मैं परत दर परत उभर आऊंगा
शीशे में उतर आऊंगा
जो उकेरे है जज्बात की तस्वीर
उसमे रंग भर जाऊँगा .

एक बार फिर
मिलो तो सही
माना की मिलता रहा हूँ
ख्वाबो में हमेशा
इस बार मिलो
मैं बस तेरा हो के रह जाऊँगा

एक बार फिर
मिलो तो सही
माना की मौके बहुत गँवाए
तुम्हे अपना हाले -दिल सुनाने के
इस बार मिलो
मैं दिले -हमराज बन जाऊँगा —-अभिषेक राजहंस