तेरे नैन संग नैन मिले।।

तेरे नैन संग नैन मिले,फिर नैन हमारे चार हुए,
समझी नैनों ने भाषा नैनों की,नैनों ने खुद ही जवाब दिए,
शब्द मूक से मौन रहे,निशब्द हमारे भाव हुए,
मन से मन का मिलन हुआ, निशब्द भाव अर्थसार हुए,
प्रीत से प्रीत मिली आपस मे,एक दूजे के साथ हुए,
जज्वात से जुड़े जज्वात हमारे,दिल से दिल के तार मिले,
आँखों के रस्ते दिल मे आकर,मेरे मन मन्दिर में आप बसे,
मीरा सी दीवानी हो गयी मैं,अधरों पर तेरा नाम धरे,
राधे कृष्ण की निश्छल प्रीत के जैसे,तेरा मेरा प्यार रहे,
रुक्मिणी कृष्ण के संग है जैसे,प्रदीप स्वाति का साथ रहे।
By:Dr Swati Gupta

12 Comments

  1. rakesh kumar Rakesh kumar 17/05/2018
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 17/05/2018
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 17/05/2018
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 17/05/2018
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 17/05/2018
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 17/05/2018
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 17/05/2018
  4. C.M. Sharma C.M. Sharma 18/05/2018
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 18/05/2018
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/05/2018
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 02/07/2018

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