सरकारी नल

मैं उज्ज्वल भविष्य का का

कल हूँ

मैं उदास निगाहों की

हलचल हूँ |

प्यासे होठों की प्यास का

हल हूँ

कठिनाई में दिखता

औझल हूँ |

नुक्क्ड़ की शोभा

अविरल हूँ

तन्हा खड़ा एक

मुश्किल हूँ |

अधनगे बच्चों का

खेल हूँ

सभी धर्मो का एक

मेल हूँ |

कभी कभी ही चलता हूँ

कभी तो एक पल चलता हूँ

प्यास नहीं बुझाता क्योंकि

मैं एक सरकारी नल हूँ |

11 Comments

  1. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 17/05/2018
    • rakesh kumar Rakesh kumar 17/05/2018
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 17/05/2018
    • rakesh kumar Rakesh kumar 17/05/2018
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 17/05/2018
    • rakesh kumar Rakesh kumar 17/05/2018
  4. rakesh kumar Rakesh kumar 17/05/2018
  5. rakesh kumar Rakesh kumar 17/05/2018
  6. C.M. Sharma C.M. Sharma 18/05/2018
  7. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/05/2018

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