आज की अनुराधा

क्यूँ भेदभाव है बाबा

तेरे प्यार में

मुझे भी आने दो

इस संसार में

माना तेरा बेटा नहीं

पर मैं तेरी बेटी हूँ

हर जुल्म को सहती हूँ

फिर भी कुछ नहीं कहती हूँ

मैं सरोजनी,कभी कल्पना

इन्दिरा कभी लक्ष्मीबाई हूँ

पहचान मुझे दे तू अपनी

ये दुनिया बसाने आई हूँ

सृस्टि का मूल हूँ मैं और

पवन सी हूँ सुखदायी

पैदा होने दो शिवाजी

तुम बचा लो जीजाबाई

मेरे ही घर में मेरे

भाई का हक़ ज्यादा है

आओ मिलो इससे ये

आज की अनुराधा है

6 Comments

  1. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 02/05/2018
  2. davendra87 davendra87 02/05/2018
  3. C.M. Sharma C.M. Sharma 03/05/2018
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 03/05/2018
  5. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 03/05/2018
  6. rakesh kumar Rakesh kumar 06/05/2018

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