इतिहास के पन्नों पर – Bhawana kumari

इतिहास के पन्नों पर
न कभी दर्ज हुआ है
न था और न कभी होगा।
बाढ का आना,नदियो का उफना
बेकसूर का घर से बेघर होना।
दो वक्त की रोटी के लिए
बड़े-बुढे का क्या
बच्चो का भी दुध
के लिए तरसना।
कई गाँवो का
नदियो में विलीन होना।
बाढ पीड़ितों का
खुले आसमान के नीचे रहना।
इससे भी बढ़कर
जब नीचे भी हो पानी
और ऊपर से भी बरसे पानी
तो जरा सोचो
इतिहास लिखने वालों
केसे चलती होगी
उनकी जिंदगी की कहानी।
व भी तो शहीद होते होगे।
दुश्मन (बाढ)के गोली (पानी)से
फ़िर उनका नाम क्यो नही
दर्ज होता इतिहास के पन्नों पर।
सिर्फ सरकार यह कहती है
राहतकोष का इंतजाम करो

पर बहुत ही कम पहुँच पाते है
यह राहतकोष भी
उन सैनिकों(बाढ पीड़ितों)के पास।

14 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/04/2018
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 01/05/2018
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 30/04/2018
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 01/05/2018
  3. rakesh kumar Rakesh kumar 30/04/2018
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 01/05/2018
  4. C.M. Sharma C.M. Sharma 01/05/2018
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 01/05/2018
  5. chandramohan kisku chandramohan kisku 01/05/2018
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 01/05/2018
  6. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 01/05/2018
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 01/05/2018
  7. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 01/05/2018
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 01/05/2018

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