हम परदेसी हो गए

हम परदेसी हो गए
चले थे रोटी की तलाश में
कहाँ के थे कहाँ के हो गए
हम परदेसी हो गए

उलझे इस कदर इस तानेबाने में
बेवफा बेमुरव्वत इस जमाने मे
मिला किसी हसीन का दामन
दामन थाम के सो गए
हम परदेसी हो गए

चलते चलते इस जिंदगी की शाम हो गई
वो बचपन की यादें किसी के नाम हो गई
बिछड़े अपने वतन से इस तरह
न जाने कहाँ खो गए
हम परदेसी हो गए

9 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 23/04/2018
    • कृष्णा पाण्डेय कृष्णा 24/04/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 24/04/2018
    • कृष्णा पाण्डेय Krishna121 24/04/2018
  3. mukta mukta 24/04/2018
    • कृष्णा पाण्डेय कृष्णा 25/04/2018
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 25/04/2018
  5. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 26/04/2018
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/04/2018

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