मिल जायेगा – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

ढूंढोगे तो मिल जायेगा
देर किये तो निकल जायेगा।

संहलने के लिए वक्त कम है
हाथ से वो फिसल जायेगा।

खता क्या हुई कुछ पता नहीं
टूटा ये दिल बहल जायेगा।

देखा था एक बार जो उसे
क्या पता उसे छल जायेगा।

हुआ ऐसा जो सोचा नहीं
प्यार उसका फल जायेगा।

6 Comments

  1. pratik 23/04/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 23/04/2018
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 23/04/2018
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 23/04/2018
  5. Abhishek Rajhans 24/04/2018
  6. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 26/04/2018

Leave a Reply