जो प्रेम करते हैं – शिशिर मधुकर

आज भी बातों से उनकी फूल झरते हैं
दिल से जुदा होते नहीं जो प्रेम करते हैं
ढल गई है रात देखो दिन निकलने को
रोशनी से इसमें चलो फिर रंग भरते हैं

तेरी गली से हो के जब भी हम गुजरते हैं
मन ही मन ए जानेमन इतना संवरते हैं
जैसे भ्रमर को पास में अपने बुलाने को
बाग के ये महके गुल हरदम निखरते हैं

शिशिर मधुकर

12 Comments

  1. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 20/04/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/04/2018
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 20/04/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/04/2018
  3. C.M. Sharma C.M. Sharma 21/04/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/04/2018
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 21/04/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/04/2018
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 21/04/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/04/2018
  6. davendra87 davendra87 23/04/2018
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/04/2018

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