गीत – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

भोजपुरी गीत

काहे बइठल बाड़ू मनवां के मार ए गोरी
लागत नइखे काहे जियरा तोहार ए गोरी।

विरह के आग में जलत बाड़ू काहे
याद पिया के अब काहे ना सहाये।
काहे चिंता में पड़ गइलु बेमार ए गोरी
लागत नइखे काहे…………….. ।

परदेशी सजनवां के बोझ बड़ भारी
छोटकी बहिनिया विआह के लाचारी।
मत करिहऽ ननदी से तूं टकरार ए गोरी
लागत नइखे काहे……………. ।

अबकी सवनवा में घर चलि आईब
दुख दूर करके ई दुविधा मिटाइब।
सभे चुका देहब पाई – पाई उधार ए गोरी
लागत नइखे काहे……………. ।

हमरे पर बा बाबू – माई के असरा
बहुत प्यार बा मत करिहऽ झगरा।
आपन जिनगी में आ जाई वहार ए गोरी
लागत नइखे काहे जियरा तोहार ए गोरी।

6 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/04/2018
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/04/2018
  3. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 20/04/2018
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 20/04/2018
  5. C.M. Sharma C.M. Sharma 21/04/2018
  6. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 21/04/2018

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