कैसे कहें

मेरे दिल में क्या है
हम उनसे कैसे कहे

मैंने तो कई मर्तबा जाहिर किया था
आँखों से
अपनी मुहब्बत
ये कहाँ पता था
उन्हें आँखों को पढना ही नहीं आता था

कई ख़त भी तो लिखा था
जज्बातो की तुलिका से
कविता के शक्ल में
वो समझ ही ना पाती थी
आखिर तो अब क्या करें

कभी उनकी किताब में गुलाब रख कर
कभी मोर का पंख छिपा कर
अहसास करवाना चाहा था
वो गुलाब सूख ही तो गया था
उनकी किताबो में

अपने जज्बातो का
जिक्र भी तो नहीं कर सकता था
किसी और से
क्या पता कोई साजिश ही कर दे
मुझे उनसे दूर करने का

मेरे दिल में क्या है
कहे तो कैसे कहें —-अभिषेक राजहंस

7 Comments

  1. mukta mukta 19/04/2018
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 19/04/2018
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/04/2018
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/04/2018
  5. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 20/04/2018
  6. Madhu tiwari Madhu tiwari 20/04/2018
  7. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 21/04/2018

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