क्‍या करें

क्‍या करें

यह दिल बेचैन हुआ जाता है क्‍या करें

वो अहसास दिल को छुआ जाता है क्‍या करें

हमने दिल के जज्‍बात रख दिए अल्‍फाजों में

वो इसे शायर की शायरी ही समझे तो क्‍या करें

जिन्‍हें समझा हमनें दिल के करीब

वो हमें दोस्‍त भी न समझे तो क्‍या करें

वैसे तो वो संजीदा बहुत हैं मगर

मेरी संजीदगी को ना समझे तो क्‍या करें

हर मुस्‍कान पर उनकी जान छिडकते हैं

यकीन फिर भी उन्‍हें नहीं आता क्‍या करें

उनकी तस्‍वीर को देखके भी सुकुन मिलता है

वो इसे ही छीनकर ले जाए तो क्‍या करें

ये जज्‍बात दिल के यूं कागज पर उभरते हैं

वो इन्‍हें पढना भी ना चाहे तो क्‍या करें

 

रामगोपाल सांखला ‘गोपी’

11 Comments

  1. mukta mukta 19/04/2018
    • Ram Gopal Sankhla Ram Gopal Sankhla 21/04/2018
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 19/04/2018
    • Ram Gopal Sankhla Ram Gopal Sankhla 21/04/2018
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/04/2018
    • Ram Gopal Sankhla Ram Gopal Sankhla 24/04/2018
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/04/2018
  5. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 20/04/2018
  6. Madhu tiwari Madhu tiwari 20/04/2018
  7. C.M. Sharma C.M. Sharma 21/04/2018
  8. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 21/04/2018

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