मुझसे मेरी जिन्दगी खफा हो गई

मुझसे मेरी जिन्दगी खफा हो गई
मौत को गले लगाकर फना हो गई।

मैं नमपलकों से उसे देखता रहा
सुलगती जिन्दगी कब धुँआ हो गई।

चिड़िया जब हथेली पे आकर बैठी
डूबती जिन्दगी भी खुशनूमा हो गई।

हमारी तकदीर एक जैसी ही थी
हम जुदा हुए तकदीर जुदा हो गई।

उसकी दुआ का असर भी देख ले यार
तुम्हारी हर बद्दुआ दुआ हो गई।

एक आखरी साँस की तलाश जो थी
जवानी भी रुख बदलकर जरा हो गई।
… भूपेन्द्र कुमार दवे
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6 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 17/04/2018
  2. sukhmangal singh 18/04/2018
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 18/04/2018
  4. C.M. Sharma C.M. Sharma 19/04/2018
  5. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 19/04/2018
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/04/2018

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