ज़हर के व्यापार

मैं रहीम तू राम कोई ।
मैं मुहम्मद तू शाम कोई ।
धर्म के नाम पर न यूँ खंड किए जाएं ।।
ज़हर के ये व्यापार बंद किए जाएं ।।
यीशु तेरा गुरु मेरा ।
बुद्ध तेरा दिगम्बर मेरा ।
राजनीति के ये झूठे प्रपंच न रचे जाएं ।।
हथियारों के ये दौर रद्द किए जाएं ।।
मैं स्वर्ण तू दीन कहीं का !
मैं दलित तू मनु कहीं का !
यूँ चिंगारियों के न अलाव जलाए जाएं ।।
बात-बात पर देश में न यूँ बंद किए जाएं ।।
ज़हर के ये व्यापार बंद किए जाएं ।।
।।मुक्ता शर्मा ।।

8 Comments

  1. davendra87 davendra87 11/04/2018
    • mukta mukta 12/04/2018
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 12/04/2018
    • mukta mukta 12/04/2018
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 12/04/2018
  4. C.M. Sharma C.M. Sharma 15/04/2018
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/04/2018

Leave a Reply