दर्द और मुस्कान (08.11.2017)

देखते हैं ये दर्द
मुझे कितना रुलाएगा,
खुद हारेगा या
मुझे हराएगा,
आज फिर मेरी मुस्कुराहट
और दर्द के बीच जंग जारी है ,
कभी दर्द मुस्कुराहट पर
तो कभी मुस्कुराहट
दर्द पर भारी है ,
दोनों कहते हैं मुझसे
जो कभी न टूटे
ऐसी अपनी यारी है ,
पर दर्द मे भी
जो मेरे चेहरे पर मुस्कान है
कहते हैं सब बड़ी प्यारी है,
सच कहूँ तो वही हिम्मत हमारी है…

सीमा वर्मा “अपराजिता”

4 Comments

  1. chandramohan kisku Chandramohan Kisku 07/04/2018
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 07/04/2018
  3. C.M. Sharma C.M. Sharma 09/04/2018
  4. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 09/04/2018

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