यथासंभव — डी के निवातिया

यथासंभव

रक्षक,दक्षक,शिक्षक,भिक्षक सब दाम में बिकता है
खरीददार अगर पक्का है तो सब कुछ मिलता है
कौन कहता है सच कभी झूठा नहीं हो सकता
कलयुग में तो सब कुछ यथासंभव दिखता है !!

*

डी के निवातिया

22 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/04/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 09/04/2018
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 02/04/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 09/04/2018
  3. chandramohan kisku Chandramohan Kisku 03/04/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 09/04/2018
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 03/04/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 09/04/2018
  5. md. juber husain मु.जुबेर 03/04/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 09/04/2018
  6. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 04/04/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 09/04/2018
  7. C.M. Sharma C.M. Sharma 04/04/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 09/04/2018
  8. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 04/04/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 09/04/2018
  9. कृष्णा पाण्डेय Krishna121 23/04/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 23/04/2018
  10. Girraj khandelwal 25/04/2018
  11. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 26/04/2018
  12. Mahavir Uttranchali Mahavir Uttranchali 27/04/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 27/04/2018

Leave a Reply