दंगो की आग में

दंगो में न मरता हिन्दू
न मरता मुसलमान है
इस दंगे की आग में
झुलसता हिन्दुस्तान है
आग लगाते जो हमारे घरो में
गद्दी पे बैठे हुक्मरान है
वोट की राजनीति में
सुलगा रहे हिन्दुस्तान है
दंगो की आग में
मर जाती है इंसानियत
जीतता हैवान है
बंट जाता दिल है
और टूटता हिन्दुस्तान है

दंगो की आग से
घर में जलते ना चुल्हियाँ
सियासतखोर सेंक जाते
अपने मतलब की रोटियाँ
दंगो की आग भड़काने वाले
ना राम के है
ना रहीम के
ये औलाद है चंगेज के
दंगो की आग में
न मरता हिन्दू
न मरता मुसलमान है
मर जाता राम है
मर जाता रहीम है
मर जाता हिन्दुस्तान है-
द्वारा रचित—
——–अभिषेक राजहंस—–

6 Comments

  1. mukta mukta 30/03/2018
  2. ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 31/03/2018
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 31/03/2018
  4. chandramohan kisku Chandramohan Kisku 31/03/2018
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 31/03/2018
  6. M Sarvadnya M Sarvadnya 02/04/2018

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