।। जीवन मूल्य ।।


॥ जीवन मूल्य ॥

जीवन के रचयिता ने, जीवन रचने के साथ ही सब कुछ रच डाला ।
श्वांसों की डोर से बांध इसे, कर्मों के अनुसार है ढ़ाला ॥ 1 ॥
श्वासें सीमित जीवन सीमित, होतीं घटनाएं पूर्व निर्धारित ।
कब क्या घटना है जीवन में, करता है वह समय पर संचालित ॥ 2 ॥
यदि सब कुछ् उसे ही करना है, मानव हेतु है क्या कुछ शेष बचा ।
किस कार्य की सिद्धि हेतु, अंतत: उसने है यह जगत रचा ॥ 3 ॥
माना होनी के निर्धारण में, मनुष्य का कोई हाथ नहीं ।
किन्तु पुरुषार्थ अभ्यास और प्रयास से, जीवन करना सफल यहीं ॥ 4 ॥
पुरुषार्थ प्रयास और अभ्यास, हर मानव हेतु रचा रचयिता ने ।
यह ‘मूल्य’ हैं जीवन में अमूल्य, जिन्हें सबको दिया विधाता ने ॥ 5 ॥
अप्रत्याशित घटनाओं के मूल में होते, मानव के अपने कर्म ।
जिनसे है बनता भविष्य, मानव ना समझ पाता है मर्म ॥ 6 ॥
समय आने पर घटनाएं, रूप मनुज को दिखलाती हैं ।
कभी करतीं विचलित मन को, कभी हर्ष दिलाती हैं ॥ 7 ॥
अब ‘राम’ खुदा या ‘गॉड’, जिस नाम से भी उसको करें नमन ।
यह मूल्य सभी को दिये उसने, जिससे मानव कर प्रयास नित प्रति करे उसका वन्दन ॥ 8 ॥
भौतिक जीवन में, मूल्यों का अर्थ कुछ और ही होता है ।
किन्तु यहाँ भी पुरुषार्थ से ही मानव, जीवन की गठरी ढ़ोता है ॥ 9 ॥
उद्देश्य भले ही हो धनोपार्जन, या भौतिक जीवन का हो विकास ।
सफलता हेतु यहाँ भी, करना होता है अथक प्रयास ॥ 10 ॥
जीवन की नैय्या चलती रहती, विचार बदलते रहते भाव ।
कभी नकारात्मक कभी सकारात्मक बन, नैय्या को देते बहाव ॥ 11 ॥
आत्मिक जीवन में भी, पुरुषार्थ प्रयास से ही बनते काम ।
प्रयास से ही मन सधता, पुरुषार्थ से बनते सारे काम ॥ 12 ॥
सब कुछ ईश्वर के हाथ में है, फिर हम क्यों करें प्रयास ।
यह सोच निराशावादी है, जो अंत में करती है उदास ॥ 13 ॥
रचयिता ने हमें रचा मानव, प्रयास पुरुषार्थ हमारे कर में ।
अपना कर मूल्य सुधारें भविष्य, जीवन नैय्या ना रखें अधर में ॥ 14 ॥
सब कुछ भले हो रचा उसका, किन्तु पुरुषार्थ में ना करता वह हस्तक्षेप ।
बिन प्रयास ही खोकर जीवन, हम न कर सकते उस पर आक्षेप ॥ 15 ॥
जीवन के रण को स्वीकारो, पुरूषार्थ प्रयास को बनाओ अस्त्र ।
इस युद्ध में तुम हो विजयी, कृपण बन कर न होओ त्रस्त ॥ 16 ॥

6 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/03/2018
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 30/03/2018
  3. mukta mukta 31/03/2018
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 31/03/2018
  5. C.M. Sharma C.M. Sharma 01/04/2018

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