अमर रहेगा नाम तुम्हारा — डी के निवातिया

अमर रहेगा नाम तुम्हारा

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तुम योग्य लफ्ज़ नहीं पास मेरे, कैसे करुँ गुणगान तुम्हारा
राजगुरु, सुखदेव, भगत सिंह, कितना है अहसान तुम्हारा
देश प्रेम के सूचक थे तुम
देश की खातिर प्राण गवाएं
वीर गति को प्राप्त हुए तुम
फिर भी वाज़िब दर्जा न पाए
क्या ज़ज़्बा, क्या हिम्मत थी, दहल उठा था संसार सारा
नाज़ है तुम पर देश के वीरो,वतन करे गुणगान तुम्हारा !!
डरे नहीं तुम, कभी झुके नहीं
राह पे अपनी कभी रुके नहीं
सब कुछ वारा, तन-मन हारा
कुर्बानी देने से कभी डरे नहीं
वारि जाऊं बलिहारी जाऊं, सदा अमर रहे नाम तुम्हारा
धन्य है वो धरती माता, जहां पर गूंजता नाम तुम्हारा !!
भारत माता पर उपकार तुम्हारा
कैसे चुकाए वतन ऋण तुम्हारा
तुमसा न कोई अभी तक जन्मा
सदा अमर रहेगा नाम तुम्हारा
मिल जाए जो पग धूलि, धन्य हो जाए जीवन हमारा
धन्य है वो धरती माता, जहां पर गूंजता नाम तुम्हारा !!

तुम योग्य लफ्ज़ नहीं पास मेरे, कैसे करुँ गुणगान तुम्हारा
राजगुरु, सुखदेव, भगत सिंह, कितना है अहसान तुम्हारा !!

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डी के निवातिया

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14 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 28/03/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 02/04/2018
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 28/03/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 02/04/2018
  3. ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 29/03/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 02/04/2018
  4. kiran kapur gulati Kiran kapur Gulati 29/03/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 02/04/2018
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/03/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 02/04/2018
  6. C.M. Sharma C.M. Sharma 30/03/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 02/04/2018
  7. mukta mukta 31/03/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 02/04/2018

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