नसीहत – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

न समझिये ना समझाने की बात करो
लगी आग उसे बुझाने की बात करो
दिल जल रहा है उसे और न जलाओ
प्रेम से नीयत नसीहत की बात करो।

6 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 24/03/2018
  2. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 24/03/2018
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 24/03/2018
  4. mukta mukta 25/03/2018
  5. chandramohan kisku Chandramohan Kisku 25/03/2018
  6. C.M. Sharma C.M. Sharma 30/03/2018

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