हमसफ़र

कभी फुर्सत से बैठ मेरे पास ,
सुन कभी मेरे दिल का हाल ,
बहुत सी अनकही बातें ,
कुछ मीठी ,कुछ फीकी सी ,

असर है तेरी बातों का ,
बाँधे रखता है एक डोर से ,

पुरानी यादों को समेट कर रख रही ,
नयी यादों की जगह बनाने को ,
लम्बा सफर है तेरा ,
आंखे अब बेचैन हो रही ,
हर दस्तक पर तुझे देख़ने को ,
डर है वक़्त न ठहर जाये ,
इंतज़ार ये इंतज़ार न रह जाये।

3 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 10/03/2018
  2. kiran kapur gulati Kiran kapur Gulati 10/03/2018
  3. chandramohan kisku chandramohan kisku 10/04/2018

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