नई पिचकारी बंदूक बाली Bhawana Kumari

3-4साल का बच्चा अपने पड़ोस के हमउमर बच्चों को होली खेलते देख अपनी maa से कहता है –

माँ ! हमें भी ला दो

नई पिचकारी बंदूक बाली

मैं भी इसमें रंग भरुंगा

लाल, गुलाबी ,पीली बाली।

और खूब खेलूंंगा

चुन्नी के संग

यह रंग बिरंगी होली।

Maa  जो बहुत ही गरीब है और दो वक्त की रोटी भी बहुत कठिनाई से नसीब होती है वो अपने बच्चों से कहती है-

अब की तु खेल इन हाथो से ही

लाल,गुलाबी,पीली होली

अगले साल ला दुंगी तुमको

नई पिचकारी बंदूक बाली

तब तु खुब खेलना

लाल,गुलाबी,पीली होली।

पर बच्चा नहीं मानता है और अपनी maa से हठ करता हुआ कहता है-

नहींं maa!हमें अभी  चाहिए

नई पिचकारी बंदूक बाली

मैं उससे ही खेलूंगा

लाल,गुलाबी,पीली होली।

अब अपने बच्चों के हठ के आगे उसे झुकना पड़ता है और एक कोने  मे पड़े हुए पुराने टुटे चारपाई को बेच कर उससे आए हुए पैसा से अपने बच्चों के लिए पिचकारी खरीद कर लाती है और अपने बच्चों को देते हुए कहती है-

ले आई मैं तेरे लिए

नई पिचकारी बंदूक बाली

तु खेल इससे रंग बिरंगी होली

लाल,गुलाबी,पीली बाली।

बच्चा खुश हो जाता है और अपने maa के गले से लग कर कहता है

मैं खूब खेलूंगा इससे

रंग बिरंगी होली

लाल,गुलाबी,पीली बाली।

Bhawana kumari

3 Comments

  1. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 06/03/2018
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 09/03/2018
  3. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 09/03/2018

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