मेहरबां होने को हैं लोग

बडे अदाकार हैं इस बस्ती के लोग,
दिल तोडने को मजाक समझते हैं लोग,

चुपचाप गुजर जा रंगमंच से ऐ दिले नादां,
अहसास की आवाज सुन लें कहीं ना लोग,

नाराज होतें हैं तो दिल बदल लेतें हैं,
अपने हमसाए का घर तक जला देतें हैं लोग,

दिल ही जब चाहतों से भर गया योगी,
सुनतें हैं हम पे मेहरबां होने को हैं लोग,

4 Comments

  1. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 04/03/2018
    • yogesh sharma yogesh sharma 05/03/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 10/03/2018
    • yogesh sharma Yogesh 13/03/2018

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