होली मुबारक – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

चित्त चेतना जागृत हो, मन निर्मल हो विचार
सारे गम दुख भूलकर, खोलो मन के द्वार।

राजा रंक सब एक भये,रहे न मन में खार
होली रंग चटकार का, कर लेना स्वीकार।

रंग रिश्तों का खेल है,खुशियाँ मिले अपार
मुबारक स्वीकार हो, होली का त्योहार।

3 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 03/03/2018
  2. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 04/03/2018
  3. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 04/03/2018

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