चहूँ ओर गुलाल बिखरे…सी.एम.शर्मा(बब्बू)

पावन धरती हो अपनी पावन हों सब के मन

सब  ही  झूमें नाचें  गाएं भूलें तन  ओ मन

प्रेमभरी पिचकारी हो मन महका गुलाब हो

चहूँ ओर गुलाल बिखरे सब रँगे एक रंग हो

वृंदावन हो जग सारा प्रेम प्रकाश उजियारा

हो जयघोष विश्व में ऐसा भारत हो हमारा

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/सी.एम.शर्मा(बब्बू)

 

(रंगोत्सव की सब को बहुत बहुत शुभकामनाएं)

 

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  1. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 04/03/2018

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