खुदा भुलाए फिरतें हैं,

दिलों में बेहद नफरतें दबाए फिरतें हैं,
खुदा समझतें हैं खुद को खुदा भुलाए फिरतें हैं,

होठों पे हरदम झूठी मुस्कुराहटें लिए,
लोग जिन्दगी का बोझ उठाए फिरतें हैं,

दिल मिले किसी से ये कहां जरूरी है, योगी
यूं ही सब से हाथ मिलाए फिरतें हैं,

6 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 01/03/2018
    • yogesh sharma yogesh sharma 03/03/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 03/03/2018
    • yogesh sharma yogesh sharma 03/03/2018
  3. Kajalsoni 03/03/2018
  4. yogesh sharma yogesh sharma 03/03/2018

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