सगा – डी के निवातिया

सगा

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वो न मेरा, न तेरा, न इसका, न उसका सगा था
सैलाब हैवानियत का उसके जहन में जगा था !
परवाह कब थी उसने दुनिया में इंसानियत की
दरिंदगी पे उसकी दिल वालिदैन का भी दुःखा था !!

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— डी के निवातिया —

 

 

20 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 22/02/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/03/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 23/02/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/03/2018
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/02/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/03/2018
  4. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 23/02/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/03/2018
  5. yogesh sharma yogesh sharma 23/02/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/03/2018
  6. Kajalsoni 23/02/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/03/2018
  7. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 24/02/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/03/2018
  8. bhupendradave 24/02/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/03/2018
  9. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 06/03/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/03/2018
  10. mukta mukta 07/03/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/03/2018

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