सद्भावना — मधु तिवारी

💐सद्भावना💐
….मधु तिवारी

अनेक जाति धर्म यहाँ,
हैं अनेक ही कामना
फिर भी भारतवर्ष मे,
सदा रही सद्भावना

दिवाली मे भी झूमें सब,
ईद मे भी इठलाएँ हम
बैसाखी औऱ क्रिसमस मे,
मिलकर खुशी मनाए हम

अलग-अलग है वेषभूसा,
अलग अलग है भाषा भी
फिर भी गुलदस्ता प्यारा
सद्भाव की परिभाषा भी

खान पान अपना-अपना,
हम सभी को प्यारा है
फिर भी औरों का चखें
यह अंदाज़ भी न्यारा है

मानवता सिखलाते सब,
हम करते हैं जीव कल्याण
वसुधैव कुटुम्बकम का,
भाव युगों की है पहचान

भारत की ये विशेषता,
विश्व मे बड़ा निराला है
सुन लो विश्व निवासियों,
यही प्रेम का प्याला है

हो अगर मतभेद कभी,
उसको ना उलझाइए
प्रेम औऱ सद्भावना से,
हरदम ही सुलझाइए

✍🏻मधु तिवारी, दुर्ग,छत्तीसगढ़
💐💐💐💐💐💐💐💐

21 Comments

  1. ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 20/02/2018
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 21/02/2018
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/02/2018
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 21/02/2018
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 21/02/2018
  4. raquimali raquimali 21/02/2018
  5. yogesh sharma Yogesh 21/02/2018
  6. C.M. Sharma C.M. Sharma 22/02/2018
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 22/02/2018
  7. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 22/02/2018
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 22/02/2018
  8. Kajalsoni 22/02/2018
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 22/02/2018
  9. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 23/02/2018
  10. Abhishek Rajhans 26/02/2018
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 26/02/2018

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