IBN…

युं ही बिकते रहें जमाने मे,
कभी महफिल,कभी मयखाने में…
पैमाने छलकते रहें,यादों को मिटाने मे,
खो दियें खुद को ही “ऐ-जिन्दगी” तुझे भुलाने में…

…इंदर भोले नाथ

3 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 20/02/2018
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/02/2018
  3. Kajalsoni 21/02/2018

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