गौर करते हो

बातों पर मेरी कभी क्या तुम गौर करते हो,
चुप रहते हो पर ज़ेहन में शोर करते हो,

जितना चाहता हूँ के ना सोचूँ तेरे बारे मैं,
दिल से मेरे छेड़छाड़ तुम उतना और करते हो,

बहुत कोशिश की है कहीं और दिल लगाने की,
पर तुम हर कोशिश को मेरी कमजोर करते हो,

सर से पाँव तक नस-नस मैं रहने लगे हो अब,
समझ नहीं आता तुम मुझमे कैसे दौर करते हो,

तुम करो तो अपनापन, हम करे तो जिद है,
योगी इस कदर क्यों हमसे जोर करते हो|

10 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 17/02/2018
  2. yogesh sharma yogesh sharma 17/02/2018
  3. Kajalsoni 17/02/2018
    • yogesh sharma yogesh sharma 05/03/2018
  4. Kajalsoni 17/02/2018
    • yogesh sharma yogesh sharma 05/03/2018
  5. yogesh sharma yogesh sharma 18/02/2018
  6. C.M. Sharma C.M. Sharma 19/02/2018
  7. Madhu tiwari Madhu tiwari 21/02/2018
    • yogesh sharma Yogesh 21/02/2018

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