दीया……. काजल सोनी

जलता है दीया…..
चला है खुद जलकर दुजो को रौशन करने….
दिखता नहीं उसे अपने ही तले का अंधेरा……
पुछने पर बड़े प्यार से बोला…..
जलाती है जिंदगी सबको मेरी तरह…..
मिलेगी कलेजे को कुछ तो ठंडक….
दुसरो का अंधेरा मिटा कर….
मैं अपने ही तले का अंधेरा….
उम्र भर नहीं मिटा सकता….
गर मिली किसी की दुआ……
तो ये पल भर में मिट जायेगा….

*** काजल सोनी ****

7 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 19/02/2018
    • Kajalsoni 19/02/2018
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/02/2018
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharmaकक 19/02/2018
  4. arun kumar jha arun kumar jha 19/02/2018
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/02/2018
  6. Madhu tiwari Madhu tiwari 20/02/2018

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