वादा है ये फिर मोहब्बत न होगी ,,,,,,,

तेरी ख़्वाहिशों से जुदा मेरी हसरत न होगी ,
वादा है ये फिर मोहब्बत न होगी ,
सजायेगा तू जिस तरह से मुझे
कभी उससे अलग मेरी रंगत न होगी ,
वादा है ये फिर मोहब्बत न होगी ,,,,,,,,

ख़्वाब तेरे सभी होंगे मेरी नज़र में
होगी मंज़िल मेरी सिर्फ तेरी डगर में
तेरे संग ही कटेगा ज़िन्दगी का सफ़र
इसके सिवा दिल में कोई चाहत न होगी ,
वादा है ये फिर मोहब्बत न होगी ,,,,,,,

लफ़्ज़ जो भी निकले जुबां से तेरी
उसकी तस्वीर होगी नज़रों में मेरी
आयतों की तरह मैं पढ़ लूँगी उसे
बदगुमानी की दिल को इज़ाज़त न होगी,
वादा है ये फिर मोहब्बत न होगी ,,,,,,,,

दर्द दिल के तेरे मैं चुराउँगी सनम
मुस्कान तेरे होंठों की बन जाऊँगी है कसम,
मेरे वादों पे हो तेरे ऐतबार की मुहर
इससे बड़ी मुझपे कोई इनायत न होगी
वादा है ये फिर मोहब्बत न होगी ,,,,,,,,।

सीमा “अपराजिता “

7 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/02/2018
    • सीमा वर्मा सीमा वर्मा 12/02/2018
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharmaकक 12/02/2018
    • सीमा वर्मा सीमा वर्मा 12/02/2018
  3. C.M. Sharma C.M. Sharma 12/02/2018
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 12/02/2018
  5. Kajalsoni 16/02/2018

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