तेरे नाम – डी के निवातिया

तेरे नाम

सोचता हूँ एक ग़ज़ल तेरे नाम लिख दूँ
राज़-ऐ-दिल मुहब्बत के तमाम लिख दूँ
उठे गर नजरे तो रोशन ऐ आफताब कहें
ज़रा झुके जो पलकें, उनको शाम लिख दूँ

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डी के निवातिया

18 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/02/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 16/03/2018
  2. Kajalsoni 09/02/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 16/03/2018
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 10/02/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 16/03/2018
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharmaकक 10/02/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 16/03/2018
  5. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 12/02/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 16/03/2018
  6. C.M. Sharma C.M. Sharma 12/02/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 16/03/2018
  7. आनन्द कुमार आनन्द कुमार 12/02/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 16/03/2018
  8. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 17/02/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 16/03/2018
  9. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 06/03/2018
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 16/03/2018

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