लोग…….. काजल सोनी

यूँ करके बातें बड़ी बड़ी ,
अक्सर मुझे सिखते हैं लोग….. ।

कहते हैं सभी मजहबो को एक ,
मगर दिलों की दुरीया न मिटाते हैं लोग….. ।

जीते हैं इंसान की तरह बनठन कर ,
और इंसानियत को ही मार जाते हैं लोग…… ।

नहीं दिखता खुद का चेहरा आईने में ,
बनकर भले गैरों को बुरा बनाते हैं लोग….. ।

वक्त ही होता है बड़ा मरहम जख्मों का ,
दर्दों गम में अब कहॉं काम आते हैं लोग…. ।

यू ही मर जाते हैं कई होकर बेसहारा ,
यहां तो मरने के बाद काँधो में उठाते हैं लोग…. ।

फटे कपड़े देख लाज उतारते
और मुर्दों को कफन चढ़ाते हैं लोग….. ।

बनाते हैं ठिकाने बेघरो के लिए ,
फिर क्यों अपनो को भटकता छोड़ जाते हैं लोग….

मै वही हूँ जो कड़वा सच कह बैठी ,
इसलिए मुझ पर ही जूते बरसाते हैं लोग….. ।

गली गली में सिखा कर धरम करम ,
आज सिर्फ और सिर्फ कमाते हैं लोग…… ।।

” काजल सोनी ”

17 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 10/02/2018
    • Kajalsoni 19/02/2018
  2. angel yadav Anjali yadav 10/02/2018
    • Kajalsoni 19/02/2018
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharmaकक 10/02/2018
    • Kajalsoni 19/02/2018
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/02/2018
    • Kajalsoni 19/02/2018
  5. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 12/02/2018
    • Kajalsoni 19/02/2018
  6. C.M. Sharma C.M. Sharma 12/02/2018
    • Kajalsoni 19/02/2018
      • Kajalsoni 19/02/2018
  7. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 17/02/2018
    • Kajalsoni 19/02/2018
  8. डी. के. निवातिया Dknivatiya 19/02/2018
    • Kajalsoni 19/02/2018

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