कली और माली……. काजल सोनी

कली –
मेरी भीनी भीनी सी खुशबु
मदहोश कर दे आँगन……
लिपटे मुझसे कांटे
जिंदा है मेरा यौवन……..
मुझे तोड़ न तुम माली
भौरा को तरसे मेरा मन……. ।

माली –
धुप है बड़ी गहरी
जलने लगेगा तेरा तन……..
एक ही खिली तु कली
बर्बाद करते कितने मन……..
न राह देख भौरे की
भौरा करे गहरी चुभन………. ।

कली –
न दर्द से डर लागे
जो लागी प्रेम अगन…….
जी लुंगी मुहब्बत में
हैं बस दो पल का जीवन……
धुप प्यारी लगे
जले इश्क में मेरा तन मन……. ।

माली –
तु हो गई पिया बावरी
हंसेंगे तुझपे जन……..
मै हूँ तेरा शुभचिंतक
ले चलुंगा तुझे प्रभु चरन……
भुला दे भौरा , चल
कर प्रभू सुख चिंतन……

कली –
है प्रभु चरन ये दुनिया
देख ले चाहे मधुबन……
जिस प्रभु को तु जाता है
वो प्रेम में रमे भगवन……
इश्क में बसा खुदा है
हैं प्रभु और प्रेम का संगम…… ।

” काजल सोनी ”

14 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 05/02/2018
    • Kajalsoni 19/02/2018
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 05/02/2018
    • Kajalsoni 19/02/2018
  3. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 05/02/2018
    • Kajalsoni 19/02/2018
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/02/2018
    • Kajalsoni 19/02/2018
  5. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 06/02/2018
    • Kajalsoni 19/02/2018
  6. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 06/02/2018
    • Kajalsoni 19/02/2018
  7. डी. के. निवातिया Dknivatiya 08/02/2018
    • Kajalsoni 19/02/2018

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