आए हैं – मधु तिवारी

💐आये हैं💐…मधु तिवारी

प्रियतम जब से आए हैं
बनके बसंत वे छाए हैं
खिले हुए हैं कली कली मे
देख मुझे मुसकाए हैं
प्रियतम जब से आए हैं

तरु नये वस्त्र पहन रहे
शीतल मंद सुगंध बहे
प्रकृति हर कण कण
मदन रति के बाण सहे
भौंरे संग गीत गाए हैं
प्रियतम जबसे आए हैं

खिल गये सरसों पीले पीले
उसे पता है हम तुम मिले
खेतों मे छाई हरियाली
अरहर,अलसी,बाजरे फूले
झूमे सब लहराए हैं
प्रियतम जबसे आए हैं

चली गई है ठंड कड़कते
आई न है ग्रीष्म भड़कते
पंछी रंग बिरंंगे चहके
तरु- तरु मे पंख फड़कते
सब मिलके रंग जमाए हैं
प्रियतम जबसे आए हैं

देखो प्रिय सजे हैं बाग
कोयल भी छेड़ी है राग
आम्रतरु मंजरियाँ दिखते
सोने के मोती औऱ ताग
मन प्रेम के गीत सुनाए हैं
प्रियतम जब से आए हैं

देखो कैसा संयोग है
बसंत ऋतु का योग है
मुझ संग लगा तुझे भी
प्रेम का प्यारा रोग है
ये मीठा दर्द जगाये है
प्रियवर जबसे आए हैं

✍🏻श्रीमती मधु तिवारी, दुर्ग छत्तीसगढ़💐💐

14 Comments

  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 03/02/2018
  2. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 04/02/2018
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 05/02/2018
  3. C.M. Sharma C.M. Sharma 05/02/2018
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 05/02/2018
  4. Kajalsoni 06/02/2018
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/02/2018
  6. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 06/02/2018
  7. डी. के. निवातिया Dknivatiya 08/02/2018
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 08/02/2018

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