मैं छोटी बच्ची

जब मैं एक छोटी सी बच्ची थी

गुड़िया संग खेला करती थी।

एक दिन माँ ले गई  मेले में

जी मचला रंग बिरंगी गुड़िया देख।

Jeb थी खाली खाली माँ की पोटली

दिल में थी हसरत हजार।

और  लेना था गुड़िया बोलने बली

माँ दिला न सकी  वह गुड़िया मुझे।

लौट आई  मैं घर चुपचाप

जब मैं एक छोटी बच्ची थी।

गुड़िया संग खेला करती थी

अब बीत गए हमारे व दिन बचपन के।

पर आज भी मेला लगा है शान से

मेले में फिर रंग बिरंगी गुड़िया देख

जी चाहता है खरीद लु व गुड़िया मैं।

पर अब व बचपन का अल्हड़पन कहाँ

अब मैं व छोटी सी बच्ची कहाँ।

जब मैं एक छोटी सी बच्ची थी

गुड़िया संग खेला करती थी।

Bhawana kumari

15 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 25/01/2018
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 25/01/2018
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/01/2018
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 25/01/2018
      • डी. के. निवातिया Dknivatiya 26/01/2018
        • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 26/01/2018
        • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 26/01/2018
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 25/01/2018
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 25/01/2018
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/01/2018
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 25/01/2018
  5. Kajalsoni 25/01/2018
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 25/01/2018
  6. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 25/01/2018
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 26/01/2018

Leave a Reply