बसंत -मधु तिवारी

💐बसंत 💐…मधु तिवारी

पूछे बसंत कहाँ पर आऊँ
बोलो किस स्थल लहराऊँ

घर बने भूमि बाँट-बाँट कर
चमन पौध को काट-काट कर
वहाँ कहो कैसे मुसकाऊँ
पूछे बसंत कहाँ पर आऊँ

वन है न कोई बाग बगीचा
शहर मे मुझे न कोई सींंचा
खिलूँ कहाँ, कहाँ इठलाऊँ
पूछे बसंत कहाँ पर आऊँ

पहले जैसा गांव नहीं है
वहाँ भी मेरा ठाँव नहीं है
उन्हें भी क्या बोध कराऊँ
पूछे बसंत कहाँ पर आऊँ

मैं प्रकृति का उपहार हूँ
तुम सबसे करता प्यार हूँ
पर ये उपेक्षा सह न पाऊँ
पूछे बसंत कहाँ पर आऊँ

मदन-रति को न भाते हो
वेलेंटाइन डे मनाते हो
व्यथित इससे मैं हो जाऊँ
पूछे बसंत कहाँ पर आऊँ

✍🏻श्रीमती मधु तिवारी, दुर्ग, छत्तीसगढ़💐💐💐💐

10 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/01/2018
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 24/01/2018
  2. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 24/01/2018
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 24/01/2018
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 24/01/2018
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 24/01/2018
  4. C.M. Sharma C.M. Sharma 25/01/2018
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 27/01/2018
  5. Kajalsoni 25/01/2018
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 27/01/2018

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