एक प्रेरणादायक कहानी – क्लैश ऑफ़ क्लेन बना क्लेश की वजह !!

एक शिक्षाप्रद कहानी - क्लैश ऑफ़ क्लेन बना क्लेश की वजह !!ट्रेन दोपहर ३ बजे की थी और कड़की सर्दी का मौसम था !! कोहरा होने के कारण ट्रेन रात 9 PM बजे की हो गयी पर ट्रेन पकड़ने से पहले एक बार नेट पर चेक करना सबने उचित समझा तो भाई ने 7 PM बजे नेट पर चैक करके बताया कि गाड़ी अब रात 11 PM बजे की है !! मै शादी में नही जा रहा था लेकिन ट्रेन न छुट जाये उस डर से मैंने सबको जल्दी निकलने के लिए कहा क्योंकि देर रात को निकलना काफी कष्ट भरा हो सकता था पर सर्दी की सुस्ती के कारण और पास में ड्राइवर मित्र के विकल्प के कारण हँसते हँसते सबने समय व्यतीत किया ! मै अपने होमवर्क में लगा हुआ था पर बार बार डर लग रहा था कि कहीं ट्रेन न छुट जाये इसी डर से एक बार फिर मैंने सबको टोका और कहा कि पता करो ट्रेन का कि कितने बजे है !! उस वक्त रात के 9 बजकर 15 मिनट हो रहे थे ! क्लैश ऑफ़ क्लेन गेम में तल्लीन भाई को जब पापा ने चेक करने के लिए कहा तो उन्ही के मोबाइल से उसने पहले से खुले हुए विंडो की डेट को पढ़कर बता दिया कि ट्रेन ३ बजे है जबकि आधी रात को नींद और गेम के नशे में उसने PM,AM का ध्यान नही दिया !! कुछ देर बार जब रात के डेढ़ बजे तो फिर मैंने बोला कि चेक करो और चेक करने के बाद दिमाग खराब हो गया सबका क्योंकि ट्रेन अब 2:05 am खुलने का समय बता रही थी !! आनन-फानन में जल्दी सबने १० मिनट में सामान पैक किया पर कोहरे के कारण किसी तरह वे 50 मिनट में पहुंच गये !! इतनी देर होने के बाद ट्रेन 2 बजकर 5 मिनट पर खुल चुकी थी !! अब वे सिर्फ ट्रेन के डिब्बो का क्रोस और लाल रौशनी देखकर मेरी बातें याद कर रहे थे !!  क्लैश ऑफ़ क्लेन ने क्लेश का एक अच्छा अवसर बना दिया और ५ मिनट तक प्लेटफार्म नम्बर १२ पर सीरियल चलता रहा ! खैर किसी तरह ठंड और बच्चो को देखकर मौसी ने और पापा ने टीटी से सहायता लेकर ट्रेन का टिकट कन्फर्म कल सुबह का करवा ही लिया पर पूरे सफर सबका चेहरा उदास और मेरी बात उनके कानों में गूंजती रही !!!

शिक्षा – कोशिश करे कि किसी भी सफर से पहले सभी जरूरती सामग्री व् गाड़ी खुलने की समय सारिणी का खास ध्यान दे ! ट्रेन लेट हो और स्टेशन से दूर हो तो पहले निकलने में ही समझदारी है नही तो आपकी भी ट्रेन छूट सकती है !! 

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2 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/01/2018

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