आत्मा की आवाज

आत्मा की आवाज़

यू ही गुजर गये कई सौ जमाने
चुनौती खड़ी है सीना अपना ताने

लाचार बनकर कब तक जियेंगे
सहारे की कब तक प्रतीक्षा करेंगे

माँगो मत किसी से जिसको सँभालो
आज अपने भीतर के देव को जगाओ

माता तुम अपनी धरती को कहते हो
सपूत होने का दम भरते हो

इस पावन रिश्ते का कुछ तो सिला दो
माता को अपनी कुछ करके दिखा दो

अटकते हो उलझते हो बेजान सवालों में
हुनर को लगाते हो उलझती सी चलो में

समझ लो परख लो अग्नि परीक्षा लो
खरा निकले एक ऐसी शिक्षा लो

आगे बड़ने के लिए सुकर्म करना होगा
आपस की दूरी को कम करना होगा

सजा लो एक सुन्दर भारत की तस्वीर
खुद ही के हाथों में होती है अपनी तक़दीर

करके करिश्मा दुनिया को दिखा दो
भारत को फिर से सोने की चिड़िया बना दो

©मु.जुबेर हुसैन”कविराज”
गोड्डा, झारखण्ड

12 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 16/01/2018
    • md. juber husain md. juber husain 16/01/2018
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/01/2018
    • md. juber husain md. juber husain 16/01/2018
  3. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 16/01/2018
    • md. juber husain md. juber husain 17/01/2018
  4. Kajalsoni 16/01/2018
    • md. juber husain md. juber husain 17/01/2018
  5. C.M. Sharma C.M. Sharma 17/01/2018
    • md. juber husain md. juber husain 17/01/2018
  6. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 17/01/2018
    • md. juber husain md. juber husain 17/01/2018

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