तुम ही तुम….. काजल सोनी

जल रही हूँ उस आग में
जिसे जला गये हो तुम ।
बना न सकीं अपना किसी को
मन में समा गये हो तुम ।
लगती नहीं ये जिंदगी मेरी अपनी
जाने इसे भी कुछ सिखा गये हो तुम।
वक्त आता है चला जाता है
थामता नहीं मेरा दामन ।
दिन में अंधेरा रात में तन्हाई
बसा गये हो तुम ।
खोने लगी हूँ शायद तुझमें
मै कुछ नहीं अपने लिए
हर तरफ बस छा गये हो
……. ” तुम ही तुम ” ।।

” काजल सोनी ”

10 Comments

  1. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 11/01/2018
    • Kajalsoni 15/01/2018
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 11/01/2018
    • Kajalsoni 15/01/2018
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/01/2018
    • Kajalsoni 15/01/2018
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 11/01/2018
    • Kajalsoni 15/01/2018
  5. C.M. Sharma C.M. Sharma 12/01/2018
    • Kajalsoni 15/01/2018

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