नारी

1) नारी के स्वभाव को  समझने वाला कोई नहीं,

तन का पुजारी दुनियाँ सारी,मन का पुजारी कोई नहीं।

2)  नारी को तुम अवला मत कहना

यह भुल बहुत ही भारी है।

अब न आचँल में दुध

और आँखो में पानी है।

क्योंकि नारी अब

जींस -टोप पपहनने बाली है।

Bhawana kumari

8 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 07/01/2018
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 08/01/2018
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 08/01/2018
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 08/01/2018
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 08/01/2018
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 08/01/2018
  4. Kajalsoni 11/01/2018
  5. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 11/01/2018

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