अहसास…लघु कथा…सी.एम्. शर्मा (बब्बू)…

“कहाँ जा रहे तुम इतनी सुबह?” पत्नी ने पति से पुछा….
“__________”…..
कोई उतर न मिलते देख फिर बोली….
“आज माँ दुर्गा का पूजन है, काम पड़ा है…और तुम जा रहे हो…”
“____________”…
“मैं तुमसे कुछ पूछ रही हूँ, कोई जवाब क्यूँ नहीं देते…
आखिर इतनी…”
“वृद्धाश्रम से माँ को लेने”…
बीच में ही उसकी आवाज रुक गयी…जवाब मिलते ही…वो सकपका गयी…
“दो महीने के बेटे ने अक्ल ठिकाने लगा दी…
अब समझ आया मेरी माँ ने मुझे कैसे पाला होगा…मेरे बाप के न होते हुए भी”…
पत्नी की तरफ देखते हुए फिर…
“जितनी जल्दी तुम भी समझ लो…उतना ही अच्छा है”….
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/सी.एम्. शर्मा (बब्बू)…

14 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 05/01/2018
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 08/01/2018
  2. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 05/01/2018
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 08/01/2018
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 05/01/2018
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 08/01/2018
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 05/01/2018
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 08/01/2018
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 08/01/2018
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/01/2018
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 08/01/2018
  6. Kajalsoni 08/01/2018
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 12/01/2018

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