मेरी बात करना – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

जब दिल दुखे तो मेरी बात करना
मन जब न लगे तो मुलाकात करना।

बने हैं हम सिर्फ ख्वाहिशों के लिये
देकर आवाज़ दिल से याद करना।

तन्हाई इधर भी है और उधर भी
हो जाये मिलन बस इंतजार करना।

हसरतें बहुत है ख्याल में हमारे
पूरी हो कुछ या नहीं प्यार करना।

मंजिल की बात ऐसे सब करते हैं
साथ मरने जीने की करार करना।

5 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 28/12/2017
  2. ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 28/12/2017
  3. Kajalsoni 28/12/2017
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/12/2017

Leave a Reply to Kajalsoni Cancel reply