” फर्क”……. काजल सोनी

एक दिन उन्होंने कहा ,
मै जा रहा हूँ …..
शायद कभी न आऊँ….
हमने बड़ी मगरुरी से कहा ,
” जैसा तुम चाहो ”

कुछ दिनों बाद वो लौट आये…

फिर एक दिन हमने भी कहा,
मै जा रही हूँ ….
शायद कभी न आऊँ…..
उन्होंने भी कहा ,
” जैसा तुम चाहो ”

कुछ दिन बाद हम भी लौट आये ।

फर्क सिर्फ इतना ही ही था ….

जाने से उनके इंतजार में हम,
खुद को भुला बैठे ।
मगर हमारे चले जाने से ,
वो घर अपना बसा बैठे ।।

” काजल सोनी ”

17 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 28/12/2017
    • Kajalsoni 29/12/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/12/2017
    • Kajalsoni 29/12/2017
  3. C.M. Sharma C.M. Sharma 29/12/2017
  4. Kajalsoni 29/12/2017
  5. Kajalsoni 29/12/2017
    • Kajalsoni 29/12/2017
      • C.M. Sharma C.M. Sharma 29/12/2017
        • Kajalsoni 29/12/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 29/12/2017
    • Kajalsoni 29/12/2017
      • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 29/12/2017
  7. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 29/12/2017
  8. Kajalsoni 29/12/2017
    • Kajalsoni 30/12/2017

Leave a Reply