” हकीकत”……. काजल सोनी

परखने की कोशिश जरा सी….
क्या की मैने अपनों को…..
अपनों की भीड़ में….
मै तो पराई हो गई ….. ।

समझाने की कोशिश जरा सी…
क्या कि मैंने गैरों को…..
गैरों की भीड़ में….
अपनापन समा गया…… ।

गम है सोचकर रोने लगी…
तो अकेले रह गई……
जरा सी खुशी का बहाना क्या किया….
लोग आकर नाचने लगे मेरी चौखट पर….. ।

तरसती रही पल पल….
वफा के लिए….
जरा सा मुंह क्या मोड़ा मैने मुहब्बत से….
तो तलाश मुझ तक आ पहुंची वफा की….. ।।

” काजल सोनी ”

12 Comments

  1. ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 26/12/2017
    • Kajalsoni 29/12/2017
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 27/12/2017
    • Kajalsoni 29/12/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 27/12/2017
    • Kajalsoni 29/12/2017
  4. अंजली यादव Anjali yadav 27/12/2017
    • Kajalsoni 29/12/2017
  5. C.M. Sharma C.M. Sharma 27/12/2017
    • Kajalsoni 29/12/2017
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/12/2017
    • Kajalsoni 29/12/2017

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