” खत ” …….. काजल सोनी

सोचती हूँ क्यूँ न ,
एक खत लिखूँ तुम्हें ।
जो हैं दर्द इस दिल में
बेशक लिखूं तुम्हें ।

हैं लिखना कि खुश हैं
तेरे बगैर हम यहाँ ।
बस तु पास नहीं मेरे
मगर पास है सारा ये जहाँ ।

जी रहे हैं हम भी बड़ी मस्ती में
हो कर सवार ,
तेरी यादों की कश्ती में ।

तुम हमे किसी वजह याद नहीं करते
हम तुम्हें भुल जाये ,
वो वजह हमे क्यूँ नहीं मिलते ।

तुम्हे रुलाना मेरी फितरत नहीं
मगर तुम्हें भुला दु ,
ये भी मेरी हसरत नहीं ।

मुझ पर यकीन न हो
शायद तुम्हें इन रातों में ।
तुम पर यकीन था मुझे
चंद मुलाकातों में ।

गर हो मुहब्बत तो
दिल से दिल की दुरी नहीं होती ।
कुछ हसरतें सपने बन जाती हैं
जो कभी पुरी नहीं होती ।

है बस तुमसे इतना ही कहना ।
रह कर दुर ,
पास ही मेरे रहना ।

जोड़ा है नाता हमने तो गम से
महफूज़ तुम खुद को रखना ।
क्यूँ कि ये इश्क हैं
हमें सिर्फ और सिर्फ तुम से ।।

” काजल सोनी ”

18 Comments

  1. Abhishek Rajhans 24/12/2017
    • Kajalsoni 26/12/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 24/12/2017
    • Kajalsoni 26/12/2017
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 24/12/2017
    • Kajalsoni 26/12/2017
  4. C.M. Sharma C.M. Sharma 25/12/2017
    • Kajalsoni 26/12/2017
  5. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 25/12/2017
    • Kajalsoni 26/12/2017
  6. डी. के. निवातिया Dknivatiya 25/12/2017
    • Kajalsoni 26/12/2017
  7. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 25/12/2017
    • Kajalsoni 26/12/2017
  8. Kajalsoni 26/12/2017
  9. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/12/2017
  10. Kajalsoni 27/12/2017

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